Farmers Republic Day Tractor Rally 2021 Live Updates

Exclusive :लाल किले को उपद्रवियों ने पहुंचाया भारी नुकसान, चोरी हुईं कई चीजें, तस्वीरें दे रहीं गवाही 



गणतंत्र दिवस के मौके पर किसानों के हिंसक आंदोलन की ऐसी तस्वीरें अब सामने आ रही हैं जिससे इसकी विश्वसनीयता और नीयत दोनों पर सवाल खड़े होने लगे हैं. .मंगलवार को ट्रैक्टर रैली के दौरान आंदोलनकारी किसानों ने लाल किले पर कब्जा कर लिया और इस राष्ट्रीय प्रतीक पर जमकर उत्पात मचाया. उपद्रवियों ने वहां सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया और सुरक्षा से जुड़े उपकरणों को तोड़ दिया. 









नई दिल्ली
पिछले दो महीने से जो किसान आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा था, उसने मंगलवार को गणतंत्र दिवस के मौके पर हिंसक रूप ले लिया। हद तो तब हो गई जब किसान प्रदर्शनकारियों के एक गुट ने लाल किले की प्राचीर में पहुंचकर धार्मिक ध्वज फहरा दिया। किसान नेताओं ने इस घटना को शर्मनाक बताया। पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह से लेकर एनसीपी नेता शरद पवार तक ने हिंसा को गलत करार दिया है। सरकार से अगली बातचीत कब होगी, इस पर भी कुछ साफ नहीं था और मंगलवार की घटना के बाद इस पर असमंजस और बढ़ गया है। अब सवाल है कि जो किसान केंद्र सरकार के कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग पर पिछले दो महीने से दिल्ली की सीमाओं पर डटे थे, उनका अब क्या होगा। किसान आंदोलन अब किस राह पर है।

किसान यूनियनों का कहना है कि उनका अगला प्लान बजट वाले दिन संसद तक मार्च निकालने का है जिसे फिलहाल रद्द नहीं किया गया है। हालांकि मंगलवार की हिंसा के बाद अब कोर्ट और केंद्र सरकार शायद ही उदारता दिखाए। किसान यूनियनों को अब तक कई नोटिस मिल चुकी है और अब उनसे इस बारे में भी पूछताछ की जा सकती है कि आखिर ट्रैक्टर रैली उनके नियंत्रण से बाहर कैसे हो गई।





किसान आंदोलन के उद्देश्य को पहुंचा नुकसान
सूत्रों के मुताबिक, सरकार फिलहाल इस पर आंकलन करेगी कि क्या हुआ, कहां चीजें गड़बड़ हुई। सरकार के लिए पहली प्राथमिकता दिल्ली में कानून-व्यवस्था को बहाल करना है। सरकार यह मानकर चल रही है कि मंगलवार की घटना से किसानों के आंदोलन का अपने आप ही काफी नुकसान हो गया है। जबकि सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा था कि रैली शांतिपूर्ण होनी चाहिए।






संसद में गूंजेगा किसानों की हिंसा का मुद्दा!
माना जा रहा है कि इसी हफ्ते से शुरू होने वाले बजट सत्र के दौरान संसद में किसान ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा का मुद्दा उठाया जाएगा जिस पर भारी हंगामा होने आसार हैं। सत्र के दौरान सरकार यह बात भी रखेगी कि उसने नए कानूनों को डेढ़ साल तक लागू नहीं करने का प्रस्ताव दिया था जिसे किसान यूनियन ने ठुकरा दिया और इसके बाद मंगलवार को हिंसक रैली हुई। चर्चा में इस तथ्य को भी शामिल किया जाएगा कि किसान संगठन और पंजाब की कांग्रेस सरकार ने हिंसा से दूरी बनाई और कड़ी निंदा की।












गणतंत्र दिवस पर किसानों की ओर से निकाली गई ट्रैक्‍टर रैली के दौरान मंगलवार को हुई हिंसा ने अब तक शांत रहे किसान आंदोलन को 'दागदार' बना दिया. किसानों ने दिल्‍ली के कई स्‍थानों पर जमकर बवाल काटा और पुलिस को उन्‍हें नियंत्रित करने में काफी मशक्‍कत करनी पड़ी. कई स्‍थानों पर उग्र किसानों ने पुलिस पर पथराव किया और रास्‍तों पर लगे बैरिकेड को उखाड़ फेंका. स्थिति को बिगड़ता हुआ देखकर पुलिस ने लाठीचार्ज, वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्‍तेमाल किया. दिल्ली पुलिस ने किसानों को राजपथ पर आधिकारिक गणतंत्र दिवस परेड समाप्त होने के बादरैली के दौरान कई स्‍थानों पर पुलिस और किसानों के बीच झड़प/टकराव की स्थिति बनी.






नई दिल्ली : 

किसानों की ट्रैक्टर रैली (Tractor Rally) दिल्ली के विभिन्न इलाकों से होते हुए लाल किला (Red Fort) पहुंच चुकी है. यही नहीं, किसानों ने लाल किले पर अपना झंडा भी फहरा दिया है. किसानों की इस ट्रैक्टर को रैली को लेकर बॉलीवुड एक्टर लगातार ट्वीट कर रहे हैं. जहां कुछ हस्तियां किसानों के पक्ष में ट्वीट कर रही हैं तो वहीं कुछ ऐसे भी हैं जो उनके विरोध में ट्वीट कर रहे हैं. लेकिन बॉलीवुड डायरेक्टर ओनिर किसान आंदोलन का लगातार समर्थन करते आए हैं, और उन्होंने किसानों के लाल किले पहुंचने का एक वीडियो शेयर किया है और इसके साथ ही 'ऐतिहासिक ट्रैक्टर परेड (#HistoricTractorPrade)' हैशटैग शेयर किया है 




Farmers' Rally: गणतंत्र दिवस पर किसानों की ओर से निकाली गई ट्रैक्‍टर रैली के दौरान मंगलवार को हुई हिंसा ने अब तक शांत रहे किसान आंदोलन को 'दागदार' बना दिया. किसानों ने दिल्‍ली के कई स्‍थानों पर जमकर बवाल काटा और पुलिस को उन्‍हें नियंत्रित करने में काफी मशक्‍कत करनी पड़ी. कई स्‍थानों पर उग्र किसानों ने पुलिस पर पथराव किया और रास्‍तों पर लगे बैरिकेड को उखाड़ फेंका. स्थिति को बिगड़ता हुआ देखकर पुलिस ने लाठीचार्ज, वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्‍तेमाल किया. दिल्ली पुलिस ने किसानों को राजपथ पर आधिकारिक गणतंत्र दिवस परेड समाप्त होने के बादरैली के दौरान कई स्‍थानों पर पुलिस और किसानों के बीच झड़प/टकराव की स्थिति बनी.




अपना पक्ष रखने में सरकार बरत रही सावधानी
दिल्ली में मंगलवार को मचे उत्पात और पुलिस पर हमले को लेकर सरकार अपना स्टैंड को लेकर बेहद सावधानी बरत रही है। सरकार की कोशिश है कि किसी भी तरह से उसके स्टैंड की इसकी किसान विरोधी तस्वीर न बने जिससे दूसरे हिस्सों में रह रहे कृषि समुदाय के लोग नाराज हो सकते हैं। यही वजह है कि कल की घटना पर अभी तक किसी केंद्रीय मंत्री का बयान नहीं आया है।

किसान आंदोलन के उद्देश्य को पहुंचा नुकसान
सूत्रों के मुताबिक, सरकार फिलहाल इस पर आंकलन करेगी कि क्या हुआ, कहां चीजें गड़बड़ हुई। सरकार के लिए पहली प्राथमिकता दिल्ली में कानून-व्यवस्था को बहाल करना है। सरकार यह मानकर चल रही है कि मंगलवार की घटना से किसानों के आंदोलन का अपने आप ही काफी नुकसान हो गया है। जबकि सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा था कि रैली शांतिपूर्ण होनी चाहिए।



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