Indian petrol and diesel Budget 2021-22

 Budget 2021-22: डीजल-पेट्रोल पर सरकार ने काट ली जेब! ढाई और 4 रुपये सेस लगा


पपेट्रोल पर 2.5 रुपये और डीजल पर 4 रुपये प्रति लीटर फार्म सेस लगेगा।


New Delhi
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने आज साल Budget 2021-22 का आम budget पेश किया। उन्होंने petrol पर प्रति लीटर 2.5 रुपये और diesel पर 4 रुपये प्रति लीटर सेस (उपकर) लगाने की घोषणा की। petrol और diesel के दाम पहले ही ऑल टाइम हाई पर चल रहे हैं। मुंबई में petrol 92.80 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच चुका है जबकि diesel 83.30 रुपये प्रति लीटर चल रहा है।

सीतारमण ने कहा कि petrol पर 2.5 रुपये प्रति लीटर और diesel पर 4 रुपये प्रति लीटर का फार्म इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (एसआईडीसी) लगाने का प्रस्ताव किया है। इससे महंगाई बढ़ने की आशंका है क्योंकि diesel महंगा होने से ट्रकों का भाड़ा बढ़ेगा। हालांकि सीतारमण ने कहा कि उपभोक्ता पर समग्र रूप से कोई अतिरिक्त भार नहीं पड़ेगा।

कोरोना काल में government का खजाना खाली है और कमाई बुरी तरह प्रभावित हुई है। ऐसे में उसे कहीं ना कहीं से अतिरिक्त राशि इकट्ठा करना जरूरी है। चालू वित्त वर्ष यानी 2020-21 के लिए भी सरकार ने हेल्थ और एजुकेशन सेस के जरिए 26,192 करोड़ रुपये का फंड इकट्ठा करने का budget में प्रावधान रखा था।



इस वित्त वर्ष के दौरान आम लोगों और government को जिन परिस्थितियों से गुजरना पड़ा, वैसी स्थिति पहले भी कभी आई हो, ऐसा उल्लेख नहीं मिलता है। जाहिर है कि ऐसी परिस्थिति में देश के वित्त मंत्री के समक्ष भी चुनौतियां बढ़ गई हैं। अब, जबकि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वर्ष 2021 के budget को बनाना शुरू कर दिया है, तो सबके मन में एक सवाल जरूर उठ रहा होगा कि बज़ 2021 में उनके लिए क्या होगा। वैसे भी, निर्मला सीतारण ने वादा किया है कि इस बार वह ऐतिहासिक budet बनाने जा रही हैं। हम भी उम्मीद कर रहे हैं कि इस बार वित्त मंत्री की झोली में चुनिंदा लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग के लिए कुछ न कुछ सौगात जरूर होगी। वैसे भी कोरोना ने मध्यम वर्ग एवं निम्न मध्यम वर्ग को कुछ ज्यादा ही परेशान किया है। इसलिए वही, इस budet से सबसे ज्यादा अपेक्षा रख रहे हैं। आम आदमी चाहते हैं बेहतर अस्पताल, बेहतर स्वास्थ्य सुविधा तो भविष्य पर नजरें टिकाए लोग सोचते हैं बेहतर शिक्षा व्यवस्था। वेतनभोगियों की निगाह जहां इनकम टैक्स के स्लैब पर अटकी है। वह इनकम टैक्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत आयकर में अधिक से अधिक छूट की बाट जोह रहे हैं। अर्थव्यवस्था को एक बार फिर से पटरी पर लौटा रहा उद्योग जगत कुछ इसी तरह के budget की आशा कर रहा है। ऐसा budget , जिससे उनका कारोबार चलाना सुगम हो और वह समाज के लिए अधिक से अधिक रोजगार के अवसर सृजित कर सके। तो, अब इंतजार है अगले एक फरवरी का, जिस दिन वित्त मंत्री संसद में वर्ष 2021-22 के लिए budget पेश करेंगी।


Budget 2021 Scrapping Policy: पुरानी गाड़ियों के लिए government लाई स्क्रैपिंग पॉलिसी

हाइलाइट्स:



वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने डायरेक्‍ट टैक्‍स देने वालों को आम बजट 2021 में कोई राहत नहीं दी है। Government ने शराब, काबुली चना, मटर, मसूर की दाल समेत कई उत्‍पादों पर कृषि इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर सेस लगाने की भी घोषणा की है। वित्‍त मंत्री ने इस साल कस्‍टम्‍स में 400 से ज्‍यादा छूटों की समीक्षा करने का प्रस्‍ताव दिया है। वित्‍त मंत्री ने अप्रत्‍यक्ष करों में बदलाव की घोषणा जरूर की है। कई तरह के कच्‍चे माल पर कस्‍टम ड्यूटी बढ़ा दी गई है। कुछ स्‍टील उत्‍पादों पर ड्यूटी हटा दी गई है। इसके अलावा कॉपर स्‍क्रैप पर ड्यूटी को 5% से घटाकर 2.5% कर दिया गया है। मोबाइल्‍स के कुछ पार्ट्स पर अब 2.5% ड्यूटी चुकानी होगी। आइए जानते हैं बजट के बाद क्‍या महंगा और क्‍या सस्‍ता होने वाला है।

क्‍या हुआ महंगा?
Budet2021 में वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि कुछ सामानों पर एग्रीकल्चर इन्फ्रा डिवेलपमेंट सेस (कृषि अवसंरचना विकास उपकर) लगाया जाएगा जिसका लाभ किसानों को दिया जाएगा। लोन के 1.5 लाख रुपए तक की राशि पर ब्याज पर छूट की स्कीम एक साल बढ़ा दी गई है। सोना और चांदी पर 2.5 प्रतिशत, सेब पर 35 प्रतिशत, विशेषीकृत उर्वरकों पर 5 प्रतिशत, कोयला, लिग्नाइट, पेट कोक पर 1.5 प्रतिशत कृषि बुनियादी उपकर लगाया गया। कच्चे पाम तेल पर 17.5%, कच्चे सोयाबीन तेल, सूरजमुखी तेल पर 20% कृषि अवसंचरना उपकर लगाने का प्रस्ताव दिया गया है। शराब पर 100 प्रतिशत कृषि बुनियादी ढांचा उपकर लगाया गया। नया कृषि अवसंरचना विकास उपकर दो फरवरी 2021 से लागू होगा।

Budget पर क्‍या बोले पीएम मोदी?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस
साल के budet पर कहा कि इसमें 'आत्मनिर्भरता के साथ-साथ समावेशी विकास पर जोर दिया गया है।' उन्‍होंने कहा कि 'यह सकारात्मक budget है जिसमें संपत्ति बढ़ाने के साथ-साथ स्वास्थ्य व सुख-सुविधाएं बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।' पीएम ने कहा कि 'budget आम लोगों, निवेशकों, उद्योगों और बुनियादी ढांचा क्षेत्र के लिये कई सकारात्मक बदलाव लाएगा। यह budget देश के सभी भागों के चौतरफा विकास की बात करता है।'
बजट 2021 में वित्‍त मंत्री ने कुछ चीजों पर बढ़ाया टैक्‍स

बीमा सेक्‍टर में FDI लिमिट बढ़ी
Government ने बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश(FDI) की सीमा बढ़ाकर 74 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया है। इस कदम का उद्देश्य विदेशी कंपनियों को निवेश के लिए आकर्षित करना है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सभी वित्तीय उत्पादों के लिए निवेशक चार्टर पेश किया जाएगा। यह सभी वित्तीय निवेशकों का अधिकार होगा। सीतारमण ने कहा कि नए ढांचे के तहत ज्यादातर निदेशक और बोर्ड तथा प्रबंधन स्तर के अधिकारी निवासी Indian होंगे। कम से कम 50 प्रतिशत निदेशक स्वतंत्र निदेशक होंगे। इसके अलावा मुनाफे का एक निश्चित प्रतिशत सामान्य आरक्षित निधि के रूप में रखा जाएगा।


इस वित्त वर्ष के दौरान आम लोगों और सरकार को जिन परिस्थितियों से गुजरना पड़ा, वैसी स्थिति पहले भी कभी आई हो, ऐसा उल्लेख नहीं मिलता है। जाहिर है कि ऐसी परिस्थिति में देश के वित्त मंत्री के समक्ष भी चुनौतियां बढ़ गई हैं। अब, जबकि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वर्ष 2021 के बजट को बनाना शुरू कर दिया है, तो सबके मन में एक सवाल जरूर उठ रहा होगा कि बज़ 2021 में उनके लिए क्या होगा। वैसे भी, निर्मला सीतारण ने वादा किया है कि इस बार वह ऐतिहासिक बजट बनाने जा रही हैं। हम भी उम्मीद कर रहे हैं कि इस बार वित्त मंत्री की झोली में चुनिंदा लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग के लिए कुछ न कुछ सौगात जरूर होगी। वैसे भी कोरोना ने मध्यम वर्ग एवं निम्न मध्यम वर्ग को कुछ ज्यादा ही परेशान किया है। इसलिए वही, इस बजट से सबसे ज्यादा अपेक्षा रख रहे हैं। आम आदमी चाहते हैं बेहतर अस्पताल, बेहतर स्वास्थ्य सुविधा तो भविष्य पर नजरें टिकाए लोग सोचते हैं बेहतर शिक्षा व्यवस्था। वेतनभोगियों की निगाह जहां इनकम टैक्स के स्लैब पर अटकी है। वह इनकम टैक्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत आयकर में अधिक से अधिक छूट की बाट जोह रहे हैं। अर्थव्यवस्था को एक बार फिर से पटरी पर लौटा रहा उद्योग जगत कुछ इसी तरह के बजट की आशा कर रहा है। ऐसा बजट, जिससे उनका कारोबार चलाना सुगम हो और वह समाज के लिए अधिक से अधिक रोजगार के अवसर सृजित कर सके। तो, अब इंतजार है अगले एक फरवरी का, जिस दिन वित्त मंत्री संसद में वर्ष 2021-22 के लिए बजट पेश करेंगी।

Who won and who lost in Budget 2021: इस बार के बजट में किसकी लगी लॉटरी और कौन लुट गया, जानिए!


हाइलाइट्स:

Union Budget 2021-22: आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश का budget पेश किया। इस बजट के आने से पहले से ही लोगों को बहुत सारी उम्मीदें थीं। निर्मला सीतारमण ने कहा था कि ये सदी का सबसे बेहतर budet होगा, जबकि पीएम मोदी ने इस बात का इशारा किया है कि ये किसी मिनी budget से अधिक नहीं होगा, ऐसे में उम्मीदें कम रहनी चाहिए। इस budget से बहुत सारे लोगों की उम्मीदें पूरी हुई हैं, लेकिन ऐसे भी बहुत से लोग हैं जिनके हाथ निराशा लगी है। आइए जानते हैं इस budget में कौन हारा और कौन जीता।
इस बार के budget 2021-22 में सबसे अधिक फायदे में रहा health sector, जिसे इस budget में 2.38 लाख करोड़ रुपये का budget आवंटित किया गया। स्वास्थ्य बजट में 135 पर्सेंट का इजाफा हुआ है। ये पहले 94 हजार करोड़ रुपये था, जिसे अब बढ़ाकर 2.38 लाख करोड़ रुपये किया गया है।

बुजुर्गों को भी बड़ी राहत
इस बार के budget में बुजुर्गों को बड़ी राहत मिली है। 75 साल के अधिक की उम्र के लोगों पर अब कोई टैक्स नहीं लगेगा। हालांकि, शर्त ये है कि ये छूट उन्हें सिर्फ पेंशन पर दी जा रही है, ना कि बाकी किसी तरीके से हुए कमाई पर। यानी बाकी हर तरह की कमाई टैक्स के दायरे में होगी।

बैंकिंग और Insurance sector में बढ़ा एफडीआई
इस बार के budget में insurance sector में 74 फीसदी तक एफडीआई का ऐलान किया गया है, जो पहले सिर्फ 49 फीसदी था। इसके अलावा निवेशकों के लिए चार्टर बनाने का भी ऐलान किया गया है। वहीं बैंकों का फंसा हुआ कर्ज दूर करने के लिए एक अलग से कंपनी बन रही है, जो इन फंसे हुए कर्ज को बैंकों से लेकर बाजार में बेचेगी। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि बैंकिंग और insurance sector में ढेर सारी नौकरियां निकलेंगी।


Budget 2021: Railway Infrastructure के लिए वित्त मंत्री ने आवंटित की रिकॉर्ड राशि। Railway Plan 2030

इस बजट में कौन हारा?

नौकरीपेशा के हाथ लगी निराशा
ये budget सबसे खराब रहा नौकरीपेशा के लिए। काफी समय से इस budget से उम्मीद की जा रही थी कि इसमें धारा 80सी के तहत छूट की सीमा बढ़ सकती है और साथ ही 2.5 लाख रुपये तक की कमाई पर मिलने वाली छूट के भी बढ़ने की उम्मीद थी। ये उम्मीद इसलिए भी की जा रही थी, क्योंकि पिछले करीब 7 सालों से इसमें कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। आखिरी बार जुलाई 2014 में ये टैक्स छूट की सीमा 2 लाख से बढ़ाकर 2.5 लाख की गई थी और धारा 80सी के तहत निवेश पर टैक्स छूट की सीमा 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये की गई थी।

आम आदमी के लिए कुछ नहीं
देखा जाए तो ये budget आम आदमी का था ही नहीं। आम आदमी को राहत मिले, ऐसी तो कोई घोषणा ही नहीं हुई। उल्टा तमाम चीजों पर कस्टम ड्यूटी और सरचार्ज लगने की वजह से मोबाइल समेत बहुत सारी चीजें महंगी भी हो रही हैं। आम आदमी के लिए ये budget निराशाजनक रहा।

महिलाओं के लिए कुछ खास नहीं
वित्त मंत्री निर्मली सीतारमण से उम्मीद थी कि वह महिलाओं के लिए जरूर कुछ ना कुछ खास करेंगी। उम्मीद की जा रही थी महिलाओं को और मजबूत करने की कोशिश की जाएगी, लेकिन budget भाषण सुनकर यूं लगा मानो महिलाओं पर भी इस budget में कुछ खास ध्यान नहीं दिया गया।

Comments

Popular posts from this blog

आज की ताजा खबर, 30 मार्च 2021: बड़ी खबरें और मुख्य समाचार

डिजिटल मार्केटिंग के प्रकार [Types of Digital Marketing]

Stock Market Daily Updates: 22 Feb 2021